UPSC POLITY TEST 26 – ARMY, POLICE, PCS, RAILWAY

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राजनीति टेस्ट – 20 प्रश्न

⚖️ भारतीय राजव्यवस्था (Polity) टेस्ट

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📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 20 प्रश्न
  • ⏱️ कुल समय: 10 मिनट (600 सेकंड)
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राष्ट्रपति शासन क्या है? अनुच्छेद 356 के तहत President’s Rule कब लगाया जाता है?

भारतीय संविधान में राज्यों में संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इनमें अनुच्छेद 356 का विशेष महत्व है। जब किसी राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाए कि राज्य सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार शासन चलाने में सक्षम न हो, तो राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) लगाया जा सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, PCS, RO/ARO, SSC, UKPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं में राष्ट्रपति शासन और अनुच्छेद 356 से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

अनुच्छेद 356 क्या है?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 356 राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाने का प्रावधान करता है।

इसे सामान्य भाषा में President’s Rule कहा जाता है। ऐसी स्थिति में राज्य की कार्यपालिका का नियंत्रण केंद्र के हाथों में आ जाता है और राज्य का प्रशासन राष्ट्रपति के नाम से चलाया जाता है।

राष्ट्रपति शासन कब लगाया जाता है?

यदि राष्ट्रपति को राज्यपाल की रिपोर्ट या अन्य माध्यमों से यह संतोष हो जाए कि राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें राज्य सरकार संविधान के अनुसार कार्य नहीं कर सकती, तो अनुच्छेद 356 के तहत उद्घोषणा जारी की जा सकती है।

उदाहरण के तौर पर ऐसी स्थिति तब उत्पन्न हो सकती है जब:

  • किसी दल को विधानसभा में बहुमत प्राप्त न हो और सरकार का गठन संभव न हो।
  • सरकार विधानसभा में बहुमत खो दे और वैकल्पिक सरकार बनाना संभव न हो।
  • संवैधानिक व्यवस्था गंभीर रूप से बाधित हो जाए।
  • राज्य सरकार संविधान के अनुसार शासन चलाने में असमर्थ हो जाए।

हालांकि, केवल राजनीतिक अस्थिरता अपने आप में राष्ट्रपति शासन लगाने का पर्याप्त आधार नहीं मानी जाती। संवैधानिक तंत्र के वास्तविक विफल होने का प्रश्न महत्वपूर्ण होता है।

राष्ट्रपति शासन लागू होने पर क्या होता है?

राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद राज्य की शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं।

राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद सामान्य रूप से पद पर नहीं रहते और राज्य की कार्यपालिका राष्ट्रपति के अधीन आ जाती है। राष्ट्रपति राज्यपाल के माध्यम से राज्य का प्रशासन संचालित कर सकते हैं।

इस दौरान संसद राज्य की विधानसभा की विधायी शक्तियों का प्रयोग कर सकती है। संसद इस कार्य के लिए राष्ट्रपति को कानून बनाने की शक्ति भी प्रदान कर सकती है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि उच्च न्यायालय की शक्तियां राष्ट्रपति शासन के कारण समाप्त नहीं होती हैं। संविधान इस संबंध में उच्च न्यायालय की स्थिति को सुरक्षित रखता है।

राष्ट्रपति शासन कितने समय तक रह सकता है?

राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाना आवश्यक है। इसे जारी रहने के लिए निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार संसद की स्वीकृति आवश्यक होती है।

संसदीय स्वीकृति मिलने के बाद राष्ट्रपति शासन सामान्यतः एक समय में छह महीने तक जारी रह सकता है और संवैधानिक शर्तों के अधीन इसे अधिकतम तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।

तीन वर्ष तक विस्तार के लिए संविधान में अतिरिक्त शर्तें निर्धारित हैं। इसलिए यह मानना गलत होगा कि राष्ट्रपति शासन बिना किसी संवैधानिक सीमा के अनिश्चितकाल तक जारी रह सकता है।

अनुच्छेद 356 और अनुच्छेद 352 में अंतर

प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुच्छेद 356 और अनुच्छेद 352 के बीच अंतर पूछा जा सकता है।

अनुच्छेद 356 — राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता से संबंधित है।

अनुच्छेद 352 — राष्ट्रीय आपातकाल से संबंधित है, जिसे युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह जैसी परिस्थितियों में लागू किया जा सकता है।

वहीं अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है।

इसलिए परीक्षा में यदि पूछा जाए कि “राज्य में राष्ट्रपति शासन किस अनुच्छेद के तहत लगाया जाता है?”, तो सही उत्तर अनुच्छेद 356 होगा।

राष्ट्रपति शासन और न्यायिक समीक्षा

राष्ट्रपति शासन को पूरी तरह न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं रखा गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने S. R. Bommai बनाम भारत संघ मामले में अनुच्छेद 356 के प्रयोग से संबंधित महत्वपूर्ण सिद्धांत निर्धारित किए।

इस निर्णय ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति शासन लगाने की शक्ति का प्रयोग मनमाने तरीके से नहीं किया जा सकता और न्यायालय आवश्यक परिस्थितियों में इसकी समीक्षा कर सकता है।

यह मामला भारतीय संविधान और केंद्र-राज्य संबंधों के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्न: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है?

A. अनुच्छेद 352
B. अनुच्छेद 360
C. अनुच्छेद 356
D. अनुच्छेद 370

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 356

याद रखने की आसान ट्रिक

352 — राष्ट्रीय आपातकाल
356 — राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता
360 — वित्तीय आपातकाल

इस प्रकार 356 को राज्य में राष्ट्रपति शासन से जोड़कर आसानी से याद रखा जा सकता है।

निष्कर्ष

अनुच्छेद 356 भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जिसका उद्देश्य राज्य में संवैधानिक शासन व्यवस्था विफल होने की स्थिति में प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित करना है। हालांकि, इसका प्रयोग संवैधानिक सीमाओं और न्यायिक समीक्षा के अधीन है।

UPSC, PCS, RO/ARO, UKPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को अनुच्छेद 356, राष्ट्रपति शासन, संसद की स्वीकृति और S. R. Bommai मामले को विशेष रूप से पढ़ना चाहिए।

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