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अर्थव्यवस्था टेस्ट – 20 प्रश्न

💰 भारतीय अर्थव्यवस्था (Economy) टेस्ट

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📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 20 प्रश्न
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ग्रेशम का नियम क्या है? जानिए “बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है” का अर्थ

अर्थशास्त्र में ग्रेशम का नियम (Gresham’s Law) मुद्रा और उसके प्रचलन से संबंधित एक महत्वपूर्ण आर्थिक सिद्धांत है। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC, PCS, RO/ARO, UKPSC और अन्य सरकारी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

ग्रेशम का नियम क्या कहता है?

ग्रेशम का नियम प्रसिद्ध कथन “Bad money drives out good money” के रूप में जाना जाता है। इसका सरल अर्थ है—

“बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है।”

यह नियम मुख्य रूप से उस स्थिति को समझाता है जब दो अलग-अलग गुणवत्ता वाली मुद्राएँ एक ही अंकित मूल्य (Face Value) पर कानूनी रूप से चल रही हों।

ग्रेशम का नियम किसने दिया था?

इस नियम का नाम इंग्लैंड के प्रसिद्ध वित्तीय विशेषज्ञ सर थॉमस ग्रेशम (Sir Thomas Gresham) के नाम पर पड़ा है। उन्होंने 16वीं शताब्दी में मुद्रा के प्रचलन से संबंधित इस आर्थिक व्यवहार को समझाया था।

हालाँकि, इस सिद्धांत से मिलती-जुलती बातों का उल्लेख ग्रेशम से पहले भी विभिन्न विद्वानों के लेखन में मिलता है।

“बुरी मुद्रा” और “अच्छी मुद्रा” का क्या अर्थ है?

यहाँ “बुरी” और “अच्छी” मुद्रा का अर्थ नकली या असली मुद्रा से नहीं है।

मान लीजिए किसी व्यवस्था में दो प्रकार के सिक्के हैं—

  • एक सिक्के में अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में मूल्यवान धातु है।
  • दूसरे सिक्के में उसी अंकित मूल्य के मुकाबले कम मूल्यवान धातु है।

यदि दोनों सिक्कों का अंकित मूल्य समान है और दोनों कानूनी रूप से भुगतान में स्वीकार किए जाते हैं, तो लोग अधिक मूल्यवान सिक्के को अपने पास बचाकर रखने की कोशिश करेंगे और कम मूल्यवान सिक्के को खर्च करेंगे।

इस प्रकार अच्छी मुद्रा धीरे-धीरे बाजार के सामान्य प्रचलन से गायब होने लगती है, जबकि अपेक्षाकृत खराब मुद्रा अधिक दिखाई देने लगती है।

एक आसान उदाहरण

मान लीजिए आपके पास दो सिक्के हैं।

पहले सिक्के में चाँदी की मात्रा अधिक है और दूसरे में चाँदी की मात्रा कम है। लेकिन सरकार दोनों सिक्कों को समान अंकित मूल्य पर स्वीकार करती है।

अब यदि आपको किसी दुकानदार को भुगतान करना हो, तो आप सामान्यतः कम मूल्यवान सिक्के को देना पसंद करेंगे और अधिक मूल्यवान सिक्के को अपने पास सुरक्षित रखेंगे।

नतीजा यह होगा कि—

अच्छी मुद्रा बचाकर रखी जाएगी और बुरी मुद्रा बाजार में अधिक घूमेगी।

यही ग्रेशम के नियम का मूल विचार है।

ग्रेशम का नियम कब प्रभावी होता है?

ग्रेशम का नियम विशेष रूप से तब प्रभावी होता है जब:

  1. दो प्रकार की मुद्राएँ एक साथ प्रचलन में हों।
  2. दोनों का कानूनी अंकित मूल्य समान या निश्चित हो।
  3. उनके वास्तविक या अंतर्निहित मूल्य में अंतर हो।
  4. लोग अधिक मूल्यवान मुद्रा को बचाकर रखने में सक्षम हों।

परीक्षा में कैसे पूछा जा सकता है?

प्रश्न: ग्रेशम का नियम किससे संबंधित है?

(A) माँग और आपूर्ति
(B) कराधान
(C) बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है
(D) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

उत्तर: (C) बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

ग्रेशम का नियम — मुद्रा के प्रचलन से संबंधित।

प्रसिद्ध कथन — “Bad money drives out good money.”

ग्रेशम — सर थॉमस ग्रेशम।

मुख्य विचार — लोग कम मूल्यवान मुद्रा खर्च और अधिक मूल्यवान मुद्रा को बचाकर रखने की प्रवृत्ति रखते हैं।

निष्कर्ष

ग्रेशम का नियम यह समझने में मदद करता है कि जब अलग-अलग वास्तविक मूल्य वाली मुद्राओं को समान अंकित मूल्य पर कानूनी मान्यता मिलती है, तो अधिक मूल्यवान मुद्रा को लोग संचित करने लगते हैं और कम मूल्यवान मुद्रा लेन-देन में अधिक उपयोग होती है।

इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इसका सबसे महत्वपूर्ण सूत्र याद रखें:

“Bad money drives out good money” — बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है।

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