🔬 सामान्य विज्ञान (Science) टेस्ट
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रॉकेट का प्रक्षेपण न्यूटन के किस गति नियम पर आधारित है? जानिए पूरा वैज्ञानिक कारण
अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। इनमें रॉकेट, उपग्रह, गुरुत्वाकर्षण और न्यूटन के गति के नियमों से संबंधित प्रश्न महत्वपूर्ण हैं। ऐसा ही एक सामान्य विज्ञान का महत्वपूर्ण प्रश्न है—रॉकेट का अंतरिक्ष में प्रक्षेपण न्यूटन के किस गति नियम पर आधारित होता है?
प्रश्न
रॉकेट का अंतरिक्ष में प्रक्षेपण किस गति नियम पर आधारित होता है?
(A) न्यूटन का प्रथम गति नियम
(B) न्यूटन का द्वितीय गति नियम
(C) न्यूटन का तृतीय गति नियम
(D) गुरुत्वाकर्षण का नियम
सही उत्तर: (C) न्यूटन का तृतीय गति नियम
न्यूटन का तृतीय गति नियम क्या कहता है?
न्यूटन के तृतीय गति नियम को क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम (Law of Action and Reaction) भी कहा जाता है।
इस नियम के अनुसार, प्रत्येक क्रिया के बराबर परिमाण की और विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।
रॉकेट ऊपर कैसे जाता है?
रॉकेट इंजन में ईंधन जलने पर बहुत मात्रा में गर्म गैसें उत्पन्न होती हैं।
ये गैसें रॉकेट के निचले हिस्से में बने नोजल से बहुत तेज गति से नीचे की ओर बाहर निकलती हैं।
गैसों का नीचे की ओर जाना क्रिया (Action) है।
इसके परिणामस्वरूप रॉकेट पर विपरीत दिशा में अर्थात ऊपर की ओर बल लगता है। रॉकेट का ऊपर की ओर जाना प्रतिक्रिया (Reaction) है।
इसी कारण रॉकेट पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध ऊपर उठता है और पर्याप्त वेग प्राप्त करने के बाद अंतरिक्ष की ओर आगे बढ़ता है।
क्या रॉकेट को चलने के लिए हवा की आवश्यकता होती है?
यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य है।
रॉकेट को आगे बढ़ने के लिए बाहरी वातावरण की हवा को पीछे धकेलने की आवश्यकता नहीं होती। रॉकेट अपने साथ ईंधन और ऑक्सीडाइज़र लेकर चलता है और इंजन से उत्पन्न गैसों को पीछे की ओर तेज गति से बाहर निकालता है।
इसीलिए रॉकेट अंतरिक्ष के लगभग निर्वात में भी काम कर सकता है।
यह बात रॉकेट और सामान्य जेट विमान के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर को समझने में मदद करती है।
न्यूटन के तीनों गति नियमों का रॉकेट से संबंध
हालांकि रॉकेट की गति को समझाने में तृतीय नियम सबसे प्रसिद्ध है, लेकिन रॉकेट की गति में न्यूटन के अन्य नियम भी महत्वपूर्ण हैं।
1. न्यूटन का प्रथम नियम
जब रॉकेट स्थिर अवस्था में होता है, तो बाहरी असंतुलित बल के बिना वह स्थिर ही रहेगा। इंजन द्वारा उत्पन्न प्रणोदन बल रॉकेट की अवस्था में परिवर्तन करता है।
2. न्यूटन का द्वितीय नियम
रॉकेट पर लगने वाला बल उसके त्वरण और द्रव्यमान से संबंधित होता है। रॉकेट का द्रव्यमान ईंधन जलने के साथ लगातार कम होता जाता है, इसलिए उसकी गति और त्वरण में भी परिवर्तन होता है।
3. न्यूटन का तृतीय नियम
इंजन से गैसों को पीछे की ओर तेज गति से बाहर निकालने पर रॉकेट को विपरीत दिशा में बल मिलता है। यही क्रिया-प्रतिक्रिया का सिद्धांत रॉकेट प्रणोदन का मूल आधार है।
परीक्षा में कैसे पूछा जा सकता है?
प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तथ्य को अलग-अलग तरीकों से पूछा जा सकता है:
प्रश्न: रॉकेट की गति किस सिद्धांत पर आधारित है?
उत्तर: न्यूटन का तृतीय गति नियम।
या,
प्रश्न: रॉकेट से गैसें किस दिशा में निकलती हैं और रॉकेट किस दिशा में गति करता है?
उत्तर: गैसें पीछे की ओर निकलती हैं और रॉकेट विपरीत दिशा में आगे बढ़ता है।
या,
प्रश्न: क्रिया और प्रतिक्रिया का नियम किस वैज्ञानिक ने दिया था?
उत्तर: सर आइज़ैक न्यूटन।
याद रखने की आसान ट्रिक
“गैस पीछे → रॉकेट आगे”
बस इस एक लाइन को याद रखने से रॉकेट और न्यूटन के तृतीय नियम से संबंधित प्रश्न आसानी से हल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
रॉकेट का प्रक्षेपण न्यूटन के तृतीय गति नियम के सिद्धांत का एक प्रमुख उदाहरण है। रॉकेट इंजन से गैसों को अत्यधिक वेग से पीछे की ओर बाहर निकाला जाता है और प्रतिक्रिया के रूप में रॉकेट विपरीत दिशा में आगे बढ़ता है।
इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए याद रखें:
रॉकेट का प्रक्षेपण → न्यूटन का तृतीय गति नियम → क्रिया और प्रतिक्रिया।
यह प्रश्न सामान्य विज्ञान के उन महत्वपूर्ण प्रश्नों में से है जिसे SSC, रेलवे, UPSC, PCS, UKPSC, UKSSSC, पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को अवश्य तैयार करना चाहिए।