📜 भारतीय इतिहास (Indian History) टेस्ट
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- 📌 कुल प्रश्न: 20 प्रश्न
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दांडी मार्च 1930: गांधीजी ने नमक कानून के खिलाफ क्यों शुरू किया था आंदोलन?
दांडी मार्च (Dandi March) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक था।
इसे नमक सत्याग्रह (Salt Satyagraha) या नमक मार्च के नाम से भी जाना जाता है। महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के नमक कानून के विरोध में 1930 में इस ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत की थी।
दांडी मार्च कब शुरू हुआ?
महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को गुजरात स्थित साबरमती आश्रम से दांडी मार्च की शुरुआत की। गांधीजी के साथ 78 सत्याग्रही इस यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा लगभग 24 दिनों तक चली और गांधीजी 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुंचे।
दांडी पहुंचकर गांधीजी ने समुद्र के पानी से नमक बनाकर ब्रिटिश सरकार के नमक कानून का उल्लंघन किया। इसके साथ ही नमक सत्याग्रह ने व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लिया।
नमक को ही आंदोलन का माध्यम क्यों बनाया गया?
नमक आम जनता की रोजमर्रा की आवश्यकता थी। ब्रिटिश सरकार ने नमक के उत्पादन और बिक्री पर नियंत्रण स्थापित कर रखा था तथा भारतीयों को नमक पर कर देना पड़ता था। गांधीजी ने इसी मुद्दे को जनता से सीधे जुड़ने वाले आंदोलन के रूप में चुना।
दांडी मार्च ने सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) को मजबूत किया और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध देशव्यापी जनभागीदारी को बढ़ाया।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- दांडी मार्च की शुरुआत: 12 मार्च 1930
- स्थान: साबरमती आश्रम, गुजरात
- गंतव्य: दांडी
- मुख्य नेता: महात्मा गांधी
- मुख्य उद्देश्य: नमक कानून का विरोध
- दांडी पहुंचने की तिथि: 6 अप्रैल 1930
- संबंधित आंदोलन: सविनय अवज्ञा आंदोलन
UPSC, UKPSC, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में दांडी मार्च से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए इसकी तिथि, उद्देश्य और सविनय अवज्ञा आंदोलन से संबंध जरूर याद रखें।