UPSC HISTORY TEST 18 – UPSC, SSC, PCS, ARMY

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इतिहास टेस्ट – 20 प्रश्न

📜 भारतीय इतिहास (History) टेस्ट

UPSC • SSC • PCS • Railway • NTPC • CTET • State PCS Exams

📋 टेस्ट की जानकारी

  • 📌 कुल प्रश्न: 20 प्रश्न
  • ⏱️ कुल समय: 10 मिनट (600 सेकंड)
  • प्रत्येक प्रश्न: 1 अंक
  • 🎯 कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
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Ancient, Medieval, Modern India & Freedom Struggle MCQs 2026: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 20 महत्वपूर्ण इतिहास प्रश्न

परिचय

प्रतियोगी परीक्षाओं में इतिहास (History) एक ऐसा विषय है जिससे लगभग हर परीक्षा में प्रश्न पूछे जाते हैं। UPSC, SSC, PCS, Railway, NDA, CDS, UPSSSC, UKPSC और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं में प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत, आधुनिक भारत तथा स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

इस लेख में हमने 20 महत्वपूर्ण इतिहास प्रश्नों के माध्यम से उन विषयों को समझाया है जो आगामी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। यह लेख केवल प्रश्नोत्तर नहीं बल्कि महत्वपूर्ण तथ्यों का संक्षिप्त अध्ययन सामग्री भी है।


1. मौर्य प्रशासन और मुद्राध्यक्ष

मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था अत्यंत विकसित थी। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग अधिकारियों का उल्लेख मिलता है।

विदेशी व्यापारियों की निगरानी तथा प्राचीन पासपोर्ट व्यवस्था का कार्य मुद्राध्यक्ष करता था। यह अधिकारी विदेशियों के आवागमन पर भी नजर रखता था।

परीक्षा तथ्य

  • मौर्य प्रशासन का प्रमुख स्रोत: अर्थशास्त्र
  • लेखक: कौटिल्य (चाणक्य)
  • मुद्राध्यक्ष: पासपोर्ट एवं विदेशी नियंत्रण अधिकारी

2. सिंधु सभ्यता का उन्नत नगर – धोलावीरा

गुजरात में स्थित धोलावीरा सिंधु घाटी सभ्यता का अत्यंत विकसित नगर था।

धोलावीरा की विशेषताएँ:

  • विशाल साइनबोर्ड
  • उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली
  • सुव्यवस्थित नगर योजना
  • जल संरक्षण की आधुनिक तकनीक

आज भी यह स्थल पुरातत्वविदों के लिए विशेष महत्व रखता है।


3. ऋग्वैदिक समाज और गविष्टि

ऋग्वैदिक काल में गाय आर्थिक समृद्धि का मुख्य आधार थी। इसी कारण गायों के लिए होने वाले युद्धों को गविष्टि कहा जाता था।

यह शब्द वैदिक समाज की आर्थिक और सामाजिक संरचना को समझने में मदद करता है।


4. मिलिंदपञ्हो और मिनांडर

बौद्ध साहित्य का प्रसिद्ध ग्रंथ मिलिंदपञ्हो हिंद-यूनानी शासक मिनांडर (मिलिंद) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच हुए संवादों पर आधारित है।

यह ग्रंथ भारत और यूनानी संस्कृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।


5. तोलकाप्पियम का महत्व

तोलकाप्पियम संगम युग का सबसे प्राचीन तमिल व्याकरण ग्रंथ माना जाता है।

मुख्य विषय:

  • तमिल व्याकरण
  • काव्यशास्त्र
  • भाषा विज्ञान

दक्षिण भारत के सांस्कृतिक इतिहास में इसका विशेष स्थान है।


6. मुगल वास्तुकला और पिएत्रा ड्यूरा कला

एतमादुद्दौला का मकबरा पिएत्रा ड्यूरा कला का प्रारंभिक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

इस कला में संगमरमर पर रंगीन पत्थरों की जड़ाई की जाती थी। बाद में यही कला ताजमहल में अपने चरम पर दिखाई देती है।


7. इक्ता प्रणाली और फिरोज शाह तुगलक

दिल्ली सल्तनत काल में फिरोज शाह तुगलक ने इक्ता प्रणाली को वंशानुगत बनाया।

इस निर्णय के परिणाम:

  • केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई
  • प्रांतीय शक्तियाँ मजबूत हुईं
  • प्रशासनिक नियंत्रण कम हुआ

8. विजयनगर साम्राज्य का विदेशी विवरण

फारस के राजदूत अब्दुर रज्जाक ने विजयनगर साम्राज्य का विस्तृत वर्णन किया है।

उसके विवरण से विजयनगर की समृद्धि, व्यापार और प्रशासन की जानकारी मिलती है।


9. रामानुजाचार्य और विशिष्टाद्वैत दर्शन

भक्ति आंदोलन के महान दार्शनिक रामानुजाचार्य ने विशिष्टाद्वैतवाद का प्रतिपादन किया।

उनकी शिक्षाओं ने दक्षिण भारत में वैष्णव भक्ति को मजबूत आधार प्रदान किया।


10. मुगल प्रशासन में मीर बख्शी

मुगल प्रशासन में मीर बख्शी सेना का सर्वोच्च अधिकारी होता था।

मुख्य कार्य:

  • सैनिक नियुक्तियाँ
  • मनसबदारों की देखरेख
  • सैन्य रिकॉर्ड का प्रबंधन

आधुनिक भारत के महत्वपूर्ण तथ्य

रैयतवाड़ी व्यवस्था

इस व्यवस्था में सरकार सीधे किसानों से कर वसूलती थी। इसे मुख्यतः मद्रास और बॉम्बे क्षेत्रों में लागू किया गया।

नेहरू रिपोर्ट 1928

नेहरू रिपोर्ट के अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू थे। यह भारतीयों द्वारा तैयार पहला संवैधानिक मसौदा था।

उच्च न्यायालयों की स्थापना

कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास उच्च न्यायालयों की स्थापना लॉर्ड कैनिंग के समय हुई।

सत्यशोधक समाज

ज्योतिबा फुले द्वारा स्थापित इस संगठन का मुख्य उद्देश्य जातिगत भेदभाव का विरोध था।

गांधी द्वारा अध्यक्षता किया गया कांग्रेस अधिवेशन

महात्मा गांधी ने केवल एक बार बेलगाम अधिवेशन (1924) की अध्यक्षता की थी।


स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण तथ्य

व्यक्तिगत सत्याग्रह

1940 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में:

  • प्रथम सत्याग्रही: विनोबा भावे
  • द्वितीय सत्याग्रही: जवाहरलाल नेहरू

राष्ट्रीय शिक्षा परिषद

1906 में स्थापित इस संस्था का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देना था।

HSRA का गठन

भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद ने HRA का नाम बदलकर HSRA किया।

सरदार की उपाधि

बारदोली सत्याग्रह की सफलता के बाद वल्लभभाई पटेल को “सरदार” की उपाधि मिली।

अगस्त प्रस्ताव का विरोध

कांग्रेस ने अगस्त प्रस्ताव 1940 को अस्वीकार किया क्योंकि उसमें पूर्ण स्वतंत्रता का प्रावधान नहीं था।


निष्कर्ष

इतिहास विषय के ये 20 महत्वपूर्ण तथ्य UPSC, SSC, PCS, Railway, NDA, CDS, UPSSSC, UKPSC, UKSSSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। प्राचीन भारत से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक के ये प्रश्न परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले विषयों पर आधारित हैं।

यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इन तथ्यों को अवश्य याद करें और नियमित रूप से इतिहास के ऐसे वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अभ्यास करें।

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