📜 भारतीय इतिहास (History) टेस्ट
📋 टेस्ट की जानकारी
- 📌 कुल प्रश्न: 20 प्रश्न
- ⏱️ कुल समय: 10 मिनट (600 सेकंड)
- ✅ प्रत्येक प्रश्न: 1 अंक
- 🎯 कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
- 📝 टेस्ट कैसे दें: सही विकल्प पर क्लिक करें
- 📊 परिणाम: टेस्ट खत्म होने पर स्कोर दिखेगा
🎯 आपका परिणाम
🔑 उत्तर कुंजी
1929 का लाहौर अधिवेशन क्या था? | पूर्ण स्वराज प्रस्ताव, अध्यक्ष, महत्व और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
1929 का लाहौर अधिवेशन क्या था?
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 1929 का लाहौर अधिवेशन सबसे महत्वपूर्ण अधिवेशनों में से एक माना जाता है। इसी अधिवेशन में पहली बार “पूर्ण स्वराज” (Complete Independence) को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आधिकारिक लक्ष्य घोषित किया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में यह विषय बार-बार पूछा जाता है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को इससे जुड़े प्रमुख तथ्य अवश्य याद रखने चाहिए।
लाहौर अधिवेशन कब और कहाँ हुआ?
- वर्ष: 1929
- स्थान: लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान)
- नदी: रावी नदी के तट पर
- अध्यक्ष: पंडित जवाहरलाल नेहरू
यह पहली बार था जब जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
पूर्ण स्वराज प्रस्ताव क्या था?
लाहौर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह घोषणा की कि अब भारत का लक्ष्य केवल स्वशासन (Dominion Status) नहीं बल्कि पूर्ण स्वतंत्रता (Complete Independence) प्राप्त करना होगा।
यही प्रस्ताव आगे चलकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा बदलने वाला सिद्ध हुआ।
26 जनवरी को क्यों चुना गया?
लाहौर अधिवेशन के बाद कांग्रेस ने निर्णय लिया कि
26 जनवरी 1930 को पूरे भारत में पूर्ण स्वराज दिवस (Independence Day) मनाया जाएगा।
बाद में जब भारत का संविधान लागू करने की तिथि तय की गई तो 26 जनवरी 1950 को ही लागू किया गया ताकि पूर्ण स्वराज दिवस की ऐतिहासिक स्मृति बनी रहे।
लाहौर अधिवेशन का महत्व
इस अधिवेशन के कई ऐतिहासिक महत्व हैं—
- पहली बार पूर्ण स्वराज को राष्ट्रीय लक्ष्य घोषित किया गया।
- जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बने।
- 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
- ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आंदोलन को नई दिशा मिली।
- आगे चलकर सविनय अवज्ञा आंदोलन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| अधिवेशन | लाहौर अधिवेशन |
| वर्ष | 1929 |
| अध्यक्ष | जवाहरलाल नेहरू |
| स्थान | लाहौर (रावी नदी के तट पर) |
| मुख्य प्रस्ताव | पूर्ण स्वराज |
| पूर्ण स्वराज दिवस | 26 जनवरी 1930 |
| संविधान लागू | 26 जनवरी 1950 |
याद रखने की आसान ट्रिक
लाहौर = नेहरू = पूर्ण स्वराज = 26 जनवरी
यदि यह क्रम याद है तो संबंधित अधिकांश प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1929 के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष कौन थे?
पंडित जवाहरलाल नेहरू।
पूर्ण स्वराज प्रस्ताव कब पारित हुआ?
1929 के लाहौर अधिवेशन में।
पूर्ण स्वराज दिवस कब मनाया गया?
26 जनवरी 1930।
लाहौर अधिवेशन किस नदी के किनारे हुआ था?
रावी नदी के तट पर।
26 जनवरी 1950 को संविधान क्यों लागू किया गया?
26 जनवरी 1930 के पूर्ण स्वराज दिवस की ऐतिहासिक स्मृति को सम्मान देने के लिए।
निष्कर्ष
1929 का लाहौर अधिवेशन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक निर्णायक मोड़ था। इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार पूर्ण स्वराज को अपना लक्ष्य घोषित किया, जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष बने और 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। यही कारण है कि यह विषय लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।