📜 भारतीय इतिहास (History) टेस्ट
📋 टेस्ट की जानकारी
- 📌 कुल प्रश्न: 20 प्रश्न
- ⏱️ कुल समय: 10 मिनट (600 सेकंड)
- ✅ प्रत्येक प्रश्न: 1 अंक
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गायत्री मंत्र ऋग्वेद के किस मंडल में है? जानिए सही उत्तर
गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तृतीय मंडल में मिलता है।
यह मंत्र ऋग्वेद के प्रसिद्ध सूक्तों में शामिल है और सूर्य के सविता स्वरूप को समर्पित है।
गायत्री मंत्र ऋग्वेद के किस मंडल में है?
गायत्री मंत्र का उल्लेख ऋग्वेद के तृतीय मंडल में मिलता है। इसे ऋग्वेद के तृतीय मंडल के 62वें सूक्त का 10वाँ मंत्र माना जाता है।
इस मंत्र के ऋषि विश्वामित्र माने जाते हैं और इसके देवता सविता हैं। यही कारण है कि इसे कई बार सावित्री मंत्र भी कहा जाता है।
सही उत्तर
प्रश्न: प्रसिद्ध गायत्री मंत्र का उल्लेख ऋग्वेद के किस मंडल में मिलता है?
A. प्रथम मंडल
B. द्वितीय मंडल
C. तृतीय मंडल
D. दशम मंडल
सही उत्तर: C — तृतीय मंडल
गायत्री मंत्र किस ऋषि से संबंधित है?
गायत्री मंत्र के ऋषि के रूप में महर्षि विश्वामित्र का नाम प्रसिद्ध है। ऋग्वेद के तृतीय मंडल का संबंध मुख्यतः विश्वामित्र परिवार से माना जाता है।
इसी वजह से परीक्षा में यदि पूछा जाए कि गायत्री मंत्र के ऋषि कौन हैं, तो इसका उत्तर विश्वामित्र होगा।
गायत्री मंत्र के देवता कौन हैं?
गायत्री मंत्र के देवता सविता हैं। वैदिक परंपरा में सविता को सूर्य के एक विशिष्ट स्वरूप से संबंधित माना जाता है।
इसलिए परीक्षा में निम्नलिखित तथ्य विशेष रूप से याद रखें:
- वेद: ऋग्वेद
- मंडल: तृतीय मंडल
- सूक्त: 62वाँ सूक्त
- मंत्र: 10वाँ मंत्र
- ऋषि: विश्वामित्र
- देवता: सविता
- छंद: गायत्री
गायत्री मंत्र को सावित्री मंत्र क्यों कहा जाता है?
गायत्री मंत्र के देवता सविता होने के कारण इसे सावित्री मंत्र भी कहा जाता है। यह वैदिक साहित्य का अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्र है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर गायत्री मंत्र को लेकर अलग-अलग तरीके से प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए केवल मंडल का नाम याद रखना पर्याप्त नहीं है; इसके ऋषि, देवता और छंद को भी याद रखना उपयोगी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
यदि आप UPSC, PCS, SSC, UKPSC या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो गायत्री मंत्र से संबंधित ये तथ्य महत्वपूर्ण हैं:
गायत्री मंत्र — ऋग्वेद के तृतीय मंडल में।
मंत्र के ऋषि — विश्वामित्र। मंत्र के देवता — सविता।
गायत्री मंत्र का छंद — गायत्री।
गायत्री मंत्र — तृतीय मंडल के 62वें सूक्त के 10वें मंत्र से संबंधित है।
परीक्षा में ऐसे पूछे जा सकते हैं प्रश्न
प्रश्न 1: गायत्री मंत्र का उल्लेख किस वेद में मिलता है?
उत्तर: ऋग्वेद।
प्रश्न 2: गायत्री मंत्र ऋग्वेद के किस मंडल में है?
उत्तर: तृतीय मंडल।
प्रश्न 3: गायत्री मंत्र के ऋषि कौन हैं?
उत्तर: विश्वामित्र।
प्रश्न 4: गायत्री मंत्र के देवता कौन हैं?
उत्तर: सविता।
प्रश्न 5: गायत्री मंत्र किस छंद में है?
उत्तर: गायत्री छंद।
निष्कर्ष
गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तृतीय मंडल में मिलता है और इसके ऋषि विश्वामित्र तथा देवता सविता माने जाते हैं। वैदिक इतिहास एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्नों में यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
यदि आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इसे इस प्रकार याद कर सकते हैं:
“तृतीय मंडल — विश्वामित्र — सविता — गायत्री।”
यह छोटा-सा तथ्य UPSC, PCS, SSC, UKPSC, UKSSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हो सकता है।