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राजव्यवस्था टेस्ट (FCRA) – 20 प्रश्न
⚖️ राजव्यवस्था – FCRA टेस्ट
UPSC • SSC • PCS • Railway • NTPC • CTET • State PCS Exams
📋 टेस्ट की जानकारी
- 📌 कुल प्रश्न: 20 प्रश्न
- ⏱️ कुल समय: 10 मिनट (600 सेकंड)
- ✅ प्रत्येक प्रश्न: 1 अंक
- 🎯 कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
- 📝 टेस्ट कैसे दें: सही विकल्प पर क्लिक करें
- 📊 परिणाम: टेस्ट खत्म होने पर स्कोर दिखेगा
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🔑 उत्तर कुंजी
FCRA क्या है?
FCRA का पूरा नाम Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010 (विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010) है।
यह कानून निम्नलिखित को नियंत्रित करता है:
- विदेशी दान (Foreign Donation)
- विदेशी मुद्रा (Foreign Currency)
- विदेशी प्रतिभूतियाँ (Foreign Securities)
- विदेशी आतिथ्य (Foreign Hospitality)
FCRA Act का उद्देश्य
- विदेशी धन के उपयोग में पारदर्शिता लाना।
- विदेशी फंड का दुरुपयोग रोकना।
- राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करना।
- यह सुनिश्चित करना कि विदेशी धन का उपयोग चुनाव, राजनीति या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में न हो।
FCRA के अंतर्गत कौन विदेशी चंदा ले सकता है?
- NGO
- ट्रस्ट
- सोसायटी
- सेक्शन 8 कंपनी
लेकिन इन्हें FCRA Registration या Prior Permission लेना अनिवार्य होता है।
कौन विदेशी चंदा नहीं ले सकता? (धारा 3)
निम्नलिखित व्यक्तियों/संस्थाओं पर विदेशी अंशदान लेने पर प्रतिबंध है—
- चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार
- सांसद/विधायक (कानून के प्रावधानों के अनुसार)
- सरकारी कर्मचारी
- न्यायाधीश
- पत्रकार एवं समाचार-पत्र के प्रकाशक (निर्धारित श्रेणियों में)
- राजनीतिक दल एवं उनके पदाधिकारी
- लोक सेवक (Public Servant)
FCRA Registration की वैधता
- पंजीकरण 5 वर्ष के लिए वैध होता है।
- समाप्ति से 6 महीने पहले नवीनीकरण (Renewal) कराना होता है।
FCRA Amendment Act, 2020 के प्रमुख बदलाव
2020 के संशोधन द्वारा कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए:
- प्रशासनिक खर्च की सीमा
- पहले: 50%
- अब: 20%
- फंड ट्रांसफर पर रोक
- एक NGO दूसरे NGO को विदेशी फंड ट्रांसफर नहीं कर सकता।
- SBI, नई दिल्ली (मुख्य शाखा) में FCRA खाता
- विदेशी धन पहले इसी विशेष खाते में आएगा।
- आधार कार्ड अनिवार्य
- प्रमुख पदाधिकारियों के लिए आधार (या विदेशियों के लिए पासपोर्ट/OCI) आवश्यक।
- स्वैच्छिक सरेंडर (Section 14A)
- संस्था अपना FCRA प्रमाणपत्र स्वेच्छा से सरकार को वापस कर सकती है।
- सरकार की निगरानी और नियंत्रण मजबूत किया गया।
FCRA का महत्व
- विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता
- धन के दुरुपयोग पर रोक
- राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा
- NGO की जवाबदेही सुनिश्चित करना
- विदेशी प्रभाव को नियंत्रित करना